काशी में बोले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: 'मृत्यु से बचने का नहीं, संवारने का करें प्रयास'

पानी बर्तन के अनुसार आकार धारण कर लेता है इसी प्रकार जीव भी जिस शरीर में जाता है उस अनुसार आकार धारण कर लेता है। शरीर को सांचे की तरह और मन को तरल पदार्थ की तरह से समझना चाहिए।

from Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala https://ift.tt/lQpUeFv
via IFTTT

Comments

Popular posts from this blog

Lucknow: पार्षद कोटा खर्च करने पर लगी बंदिश पर भाजपा पार्षदों ने किया बवाल, बजट की प्रति फाड़ने का आरोप

Bareilly News: उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मैराथन दौड़ को दिखाई हरी झंडी, हजारों युवा हुए शामिल; तस्वीरें

Bareilly News: बहगुल नदी की बाढ़ से कटा मार्ग... जान जोखिम में डालकर पानी से निकल रहे लोग; सैकड़ों बीघा फसलें