हरीश-संचिता सुसाइड केस: बेटी की जिद पर टूटते रहे.. पर उसे बचा न पाए; पढ़ाई के लोन की किस्त जमा करते थे ससुर

बेटी संचिता की हर जिद को पूरा करने वाले पिता मनोचिकित्सक डॉ रामशरण उसकी दिमागी उलझन को भांप नहीं पाए। पहले से ही वित्तीय संकट के दबाव से टूट चुकी संचिता पति द्वारा खुदकुशी किए जाने की सूचना को बर्दाश्त नहीं कर पाई

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