हिंदी दिवस: आओ मनाएं उत्सव, अंग्रेजी-उर्दू व फारसी... सब हैं हिंदी के माथे की बिंदी

मोहब्बत, कोशिश, किताब, जमीन, ऑफिस, स्टेशन... ये शब्द हमारी रोजमर्रा की हिंदी में इस कदर रच-बस गए हैं कि इनके मूल की तरफ हमारा ध्यान ही नहीं जाता।

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